(Last Updated On: August 18, 2018)

भारत पर तुर्कों के आक्रमण : इतिहास Turkey History In Hindi : दोस्तों , आज हम Notes In Hindi Series में आपके लिए लेकर आये हैं वैदिक सभ्‍यता से सम्बन्धित सामान्य ज्ञान ! Turkey History In Hindi बहुत से Questions Competitive Exams में पूछे जाते हैं , यह एक बहुत ही विशेष Part आता है हमारे Gs का | तो आज हम पढेंगे  भारत पर तुर्कों के आक्रमण,Turkey Attacks In India ,Turko ka Bharat Par Aakrman,Turkey History In Hindi,Turkey Ka Itihas के बारे में !

  • तुर्क मूलत: मध्‍य एशिया (Central Asia) के निवासी थे।
  • 10वीं शताब्‍दी ई, में बर्बर और खूंखार तुर्कों ने स्‍वीकार कर लिया था।
  • तुर्कों द्वारा भारत पर आरंभिक आक्रमण 986-87 ई० में सुबुक्‍तगीन के नेतृत्‍व में हुआ।
  • पंजाब के हिन्‍दूशाही शासक जयपाल शाही को सुबुक्‍तगीन सवे अपमानजनक संधि करना पड़ा।
  • जयपाल शाही को परास्‍त करने के बावजूद सुबुक्‍तगीन ने भारत में अपना राज्‍य स्‍थापित नहीं किया।
  • महमूद गजनी का जन्‍म 971 ई० में हुआ था।
  • अपने पिता के शासनकाल में वह एक प्रान्‍त खुरासन का गर्वनर था।
  • 27 वर्ष की उम्र में 998 ई० में महमूद गजनी (या गजनवी) गजनी की गद्दी पर बैठा।
  • महमूद गजनी ने भारत पर 17 बार (1000 ई० से 1027 ई० के बीच) आक्रमण किया।
  • महमूद गजनी का पहला आक्रमण 1004 ई० में पंजाब के हिन्‍दूशाही शासक जयपाल शाही के विरूद्ध हुआ जिसमें महमूद की विजय हुई।
  • महमूद ने 1004-1021 ई० सिंध के विरूद्ध अभियान किये।
  • महमूद ने 1009 ई० में मुल्‍तान एवं भटिंडा के विरूद्ध अभियान किये।
  • महमूद गजनी ने 1014 ई० में थानेश्‍वर के विरूद्ध अभियान किये।
  • महमूद गजनी ने 1019-20 ई० में कालिंजर के विरूद्ध अभियान किया।
  • महमूद गजनी ने 1025-26 ई० में सोमनाथ के विरूद्ध अभियान किया।
  • महमूद गजनवी ने अपना 17वाँ अभियान मुल्‍तान के जाटों एवं खोखरों के विरूद्ध किया।
  • सुल्‍तान महमूद ने सोमनाथ मन्दिर को जमकर लूटा जिससे उसे 2 करोड़ दीनार की संपत्ति मिली, इतिहास में इसे सोमनाथ लूट की संज्ञा दी गई है।
  • 30 अप्रैल, 1030 ई० को सुल्‍तान महमूद की मृत्‍यु हो गई।
  • सुल्‍तान महमूद ने भारत में साम्राज्‍य स्‍थापित करने से अधिक‍ लूट-पाट में दिचस्‍पी दिखाई।
  • महमूद के दरबारी विद्वानों में अलबरूनी, उत्‍बी, फराबी, वैहाकी, फारूखी, फिरदौसी, असादी एवं तुसी आदि विशेष रूप से उल्‍लेखनीय हैं।Turkey History In Hindi
  • ‘गजनी’ एवं ‘हिरात’ के बीच गोर नामक एक छोटा सा राज्‍य था।
  • 1173 ई० में मुहम्‍मद गोरी (मुइजुद्दीन मुहम्‍मद बिन साम गोर) गोर का शासक बना।
  • मुहम्‍मद गोरी ने 1175 ई० से 1206 ई० तक भारत पर अनेक आक्रमण किये।
  • मुहम्‍मद गोरी ने अपना पहला आक्रमण मुल्‍तान के विरूद्ध 1175 ई० में किया।
  • मुहम्‍मद गोरी ने भारत में तीसरा आक्रमण गुजरात के अन्हिलवाड़ा पर 1178 ई० में किया।
  • अन्हिलवाड़ा पर किये गये आक्रमण में ‘मुहम्‍मद गोरी’को मूलराज-।। से पराजित होना पड़ा।
  • मुहम्‍मद गोरी को एक और बड़ी पराजय 1191 ई० के तराइन के प्रथम युद्ध में झेलनी पड़ी।
  • तराइन के प्रथम युद्ध में गोरी को अजमेर के शाकंभरी वंश के शासक पृथ्‍वीराज-।।। यानि पृथ्‍वीराज चौहान ने बुरी तहर परास्‍त कर दिया।
  • परन्‍तु 1192 ई० के तराइन के द्वितीय युद्ध में पृथ्‍वीराज चौहान गोरी से हार गया तथा यहीं से भारत में मुस्लिम शासन की स्‍थापना का मार्ग प्रशस्‍त हुआ।
  • मुहम्‍मद गोरी ने एक अन्‍य शक्तिशाली राजपूत जयचन्‍द(कन्‍नौज), को 1194 ई० चन्‍दावर-युद्ध में पराजित किया।
  • मुहम्‍मद गोरी के गुलाम कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा गुजरात (1197 ई०) , कोटा, सिरोही, बुन्‍दी, उज्‍जैन (1197-1203 ई०) तथा कालिंजर (1202-03 ई०) आदि विजित कर लिये गये।
  • मुहम्‍मद गोरी के एक अन्‍य सैन्‍य जनरल बख्तियार खिलजी ने 1197 ई० में बिहार एवं इसकी राजधानी आदंतपुरी पर कब्‍जा कर लिया।
  • बख्तियार खिलजी ने प्राचीन नालंदा एवं विक्रमशिला विश्‍वविद्यायलों को ध्‍वस्‍त कर दिया।
  • 1199 ई० में बंगाल पर आक्रमण कर वहाँ के शासक लक्ष्‍मण सेन से बंगाल छीनकर बख्तिायार खिलजी ने तुर्की राज्‍य में मिला दिया।
  • भारत में तुर्की सत्‍ता के पांव जमाने के बाद विजित प्रदेश का दायित्‍व अपने दासों एवं सैन जनरलों को सौपकर मुहम्‍मद गोरी वापस लौट गया।
  • गोर की ओर लौटते वक्‍त 15 मार्च, 1206 ई० को दमयक नामक स्‍थान पर खोखर जाति के लोगों द्वारा मुहम्‍मद गोरी की हत्‍या कर दी गई।

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